मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

हिन्दी साहित्य पहेली ७५ के हल हेतु संकेत

हिन्दी साहित्य पहेली 75 के हल हेतु संकेत

प्रिय पाठकगण
इस बार की हिन्दी साहित्य पहेली में प्रस्तुत सामग्री अंतरजाल पर पूर्व से उपलब्ध नहीं थी जिसके कारण इस पहेली को हल करने का मंत्र गूगल बाबा के पास उपब्ध नहीं हो सकता था। अपने कुछ सुधी सहृदय पाठकों के इस अनुरोघ एवं सुझाव पर मैने प्रिंट मीडिया से यह सामग्री जुटाकर पहेली तैयार की थी कि पूछी जाने वाली पहेली बहुत आसान नहीं होनी चाहिये।
बहरहाल इस पहेली के जारी होने के बाद अब तक चौबीस धंटे हो चुके हैं परन्तु किसी भी पाठक का सही हल प्राप्त नहीं हो सका है इसलिये पहेली के सही हल हेतु आपको बहुबिकल्पीय संकेत देना चाहता हूँ जो इस प्रकार है

(1)पहेली में पूछे गये पद्यांश की लेखिका निम्नलिखित तीन में से ही कोई एक है
1 अमृता प्रीतम जी
2 हरकीरत हीर जी
3 तसलीमा नसरीन जी

(2)और जिस पुस्तक से इस अंश को लिया गया है वह पुस्तक भी निम्नलिखित तीन में से ही कोई एक है

1 छोटे छोटे दुख
2 दर्द की महक
3 दिल्ली की गलियां

मेरा विश्वास है कि अब तक यह दोनो संकेत आपको पहेली के हल तक पहुंचने में सहायक हो चुका होगा सो देर किस बात की तुरंत अपना उत्तर भेजें ताकि कोई और आपसे पहले उत्तर देकर इस पहेली का विजेता न बन बैठै।
अग्रिम शुभकामनाओं सहित

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