बुधवार, 4 अप्रैल 2012

हिन्दी साहित्य पहेली 75 के हल हेतु एक और संकेत

हिन्दी साहित्य पहेली 75 के हल हेतु एक और संकेत
प्रिय पाठकगण
इस बार की पहेली 75 के हल हेतु बीते कल पहला बहुबिकल्पीय संकेत देने के बाद अब चौबीस घंटे बीत चुके हैं परन्तु अब भी किसी पाठक का सही जवाब नहीं प्राप्त हुआ है । इसलिये इस पहेली के हल हेतु एक और संकेत दिया जा रहा है जिससे कि इस पहेली का हल पहचानना आसान हो जाय ।
तो यह रहा दूसरा संकेत
जिस पुस्तक से इस अंश को लिया गया है वह पुस्तक और लेखिका निम्नलिखित तीन में से कोई एक है

1 अमृता प्रीतम जी की पुस्तक दिल्ली की गलियां

2 हरकीरत हीर जी की पुस्तक दर्द की महक

3 तसलीमा नसरीन जी की पुस्तक छोटे छोटे दुख

एक और संकेत देते हैं कि इस पहेली में दिये गये पद्यांश की लेखिका का पासपोर्ट एक समय में बंगलादेश सरकार द्वारा जब्त कर लिया गया था।

मेरा विश्वास है कि अब तक यह दोनो संकेत आपको पहेली के हल तक पहुंचने में सहायक हो चुका होगा सो देर किस बात की तुरंत अपना उत्तर भेजें ताकि कोई और आपसे पहले उत्तर देकर इस पहेली का विजेता न बन बैठै।
पुनः अग्रिम शुभकामनाओं सहित

1 टिप्पणी:

  1. प्रस्तुत गद्दांश तसलीमा नसरीन जी की पुस्तक छोटे छोटे दुख का है|

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आप सभी प्रतिभागियों की टिप्पणियां पहेली का परिणाम घोषित होने पर एक साथ प्रदर्शित की जायेगीं