शनिवार, 6 अगस्त 2011

पहेली संख्या -३८

प्रिय चिट्ठाकारों,
           आज का प्रश्न है-[आज की पहेली कुछ अलग] इस  कहावत के सही अर्थ  क्या हैं-
''ऊसर बरसे त्रण नहीं जामें ''-     [गूगल   बाबा   त्रण का सही अनुवाद    नहीं कर  पाए    इसीलिए   ऐसे    ही   दे   रहे   हैं यहाँ  त्रण का अर्थ घास है.]अब   आप   इस   पहेली का सही अर्थ बताएं   .विकल्प निम्नलिखित हैं-
1-ऊसर भूमि में घास नहीं उगती.
२-ऊसर भूमि में सुधार  संभव है .
३-मूर्ख को उपदेश देना व्यर्थ है.
४-उपदेश देने से मूर्ख भी विद्वान   बन जाता है.
               शर्ते वही :

3 टिप्‍पणियां:

  1. ऊसर धरती मैं जिस प्रकार घास नहीं उगती उसी प्रकार मूर्ख को उपदेश देना व्यर्थ है |
    आशा

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