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सोमवार, 5 सितंबर 2011

पहेली संख्या-४५ का परिणाम और विजेता सुश्री साधना वैद जी

प्रिय चिट्ठाकारों,
   पहेली संख्या-45 का  सही  उत्तर  है  -
लेखक " धर्मवीर भारती " उपन्यास " गुनाहों का देवता

                                         


और  सही उत्तर सर्वप्रथम  भेजकर  विजेता  बनी  हैं

                     

                                  ''सुश्री  साधना  वैद  जी  ''

और प्रथम  उपविजेता  के  पद  पर  विराजमान  हुए हैं
                                     
                               ''ER .सत्यम शिवम् जी ''

और दिव्तीय उपविजेता के पद को सुशोभित किया है-
                              
        
                ''श्री सवाई सिंह राजपुरोहित जी ने''   

  आप सभी को हिंदी साहित्य पहेली परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनायें  
                     

शनिवार, 3 सितंबर 2011

पहेली संख्या -४४ का परिणाम और विजेता सत्यम शिवम् जी


प्रिय चिट्ठाकारों,
     पहेली संख्या-४४ का सही उत्तर है -
''विष्णु कुँवरी ''
और सही उत्तर सर्वप्रथम भेजकर विजेता बने हैं-

                               ''ER .सत्यम शिवम् जी ''
सत्यम जी आपको हिंदी साहित्य पहेली परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनायें 

पहेली संख्या -४४

प्रिय चिट्ठाकारों,
             हिंदी की महिला साहित्यकारों ने हिंदी साहित्य को समृद्ध बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है आज का प्रश्न हिंदी की महिला साहित्यकार पर ही आधारित है .हम आपको एक पद दे रहे हैं आपको बताना है कि ये पद किस महिला साहित्यकार द्वारा रचित है.

''निरमोही कैसो किया तरसावे!
पहिले  झलक दिखाय कै हमकूँ,
 अब क्यों वेगी न आवै .
कब लौं तडफत तेरी सजनी ,
वाको दरद न जावे.''
ये पद किसने रचा है इसके लिए हम आपके समक्ष  निम्न विकल्प रख रहे हैं -
१-सहजोबाई
२-मीराबाई
३-विष्णु कुँवरी 
४-छत्र कुँवरी 
 शर्ते वही:


शालिनी कौशिक 

मंगलवार, 30 अगस्त 2011

पहेली संख्या-४३ का सही परिणाम और विजेता ER. सत्यम शिवम् जी

प्रिय  चिट्ठाकारों ,
     पहेली संख्या -४३ का सही उत्तर है -
   ''भगवती चरण वर्मा ''और ये पंक्तियाँ ली गयी हैं -उनके उपन्यास ''चित्रलेखा'' से .
   और सही उत्तर सर्वप्रथम भेजकर विजेता बने हैं-
श्री सत्यम  शिवम् जी 
सत्यम जी विजेता बनने पर आपको हमारी हार्दिक शुभकामनायें-

और उपविजेता बनी हैं-
सुश्री साधना वैद जी
साधना जी लगातार तीसरी बार उपविजेता बनने आपको हम सभी की ओर से बहुत बहुत शुभकामनायें
आप दोनों को हिंदी साहित्य पहेली में पूरे उत्साह से भाग लेने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद्.
और अंत में ऐसी शानदार ज्ञानवर्धक प्रस्तुति के लिए डॉ.अशोक शुक्ल जी का हार्दिक धन्यवाद्

शालिनी कौशिक  






रविवार, 28 अगस्त 2011

पहेली संख्या-४२ का सही परिणाम और विजेता डॉ.दर्शन लाल बवेजा जी

प्रिय चिट्ठाकारों,
   पहेली संख्या-४२ का सही उत्तर है-
''१-नाभादास जी''
और सही उत्तर सर्वप्रथम देकर विजेता के पद  पर विराजमान हुए हैं-
डॉ.दर्शन लाल बवेजा जी
और
उपविजेता के पद को सुशोभित किया है
सुश्री साधना वैद जी ने 
आप दोनों विजेताओं को
हिंदी साहित्य पहेली परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनायें.

शालिनी कौशिक 


शनिवार, 27 अगस्त 2011

पहेली संख्या -४२

प्रिय चिट्ठाकारों ,
        



  कृष्ण भक्ति  से ओत-प्रोत है ये महीना और  इसमें महान कृष्ण भक्त कवि सूरदास  की चर्चा न  की जाये  ऐसा  तो  संभव   ही   नहीं   है   .पर   आज   उनकी   चर्चा एक अनोखे ढंग    में   की  जा   रही   है  और वह यह कि उनके बारे में अन्य कृष्ण भक्त कवियों  ने  भी  कुछ कहा  है .तो आज हम  लेकर  आये  हैं एक ऐसी  ही पहेली  जिसमे   एक अन्य कृष्ण भक्त ने उनके बारे में अपने  विचार   कुछ यूँ  प्रस्तुत  किये हैं-
'' उक्ति ओज अनुप्रास  बरन स्थिति अति भारी ,
  बचत  प्रीती  निर्वाह अर्थ  अद्भुत  तुक  भारी .
    प्रतिबिंबित दिवि दृष्टि ह्रदय  हरि लीला  भासी ,
    जन्म कर्म गुण रूप  राग रसना परकासी.''
       इस पद्य  में सूर की काव्य  सम्बन्धी  सभी  विशेषताएं  आ  जाती हैं किन्तु ये  सूर  की नहीं हैं अब  आपको  ये बताना  है कि ये पंक्तियाँ सूरदास जी के  बारे में किस  अन्य कृष्ण भक्त कवि ने कही  हैं विकल्प  ये हैं-
1-नाभादास  जी
२-आचार्य शुक्ल जी
3-महा प्रभु वल्लभाचार्य  जी
4-वियोगि हरि जी 

 चलिए डॉ.अशोक  शुक्ल  जी के पथ का अनुसरण करते हुए हम भी आपको एक संकेत  दे  रहे हैं.जो ये है कि कवि अपनी एक प्रसिद्द रचना ''भक्त.....''के लिए  भी प्रसिद्द हैं.तो अब दीजिये उत्तर अति शीघ्र और बनिए विजेता.
शर्ते वही:


शालिनी कौशिक 

बुधवार, 24 अगस्त 2011

हिंदी साहित्य पहेली -४१ का परिणाम और विजेता-श्री श्याम सुन्दर जी

हिंदी साहित्य पहेली-४१ का सही उत्तर है-

''नरोत्तमदास कृत सुदामाचरित ''

                                सर्वप्रथम -सर्वशुद्ध  हल देकर विजेता बने हैं -

[श्री श्याम सुन्दर जी ]
श्याम  सुन्दर  जी  को  हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनायें !

सही उत्तर पूर्ण रूप से साधना जी का श्याम सुन्दर जी के पश्चात् प्राप्त हुआ इसलिए उन्हें उप-विजेता घोषित किया जाता है -
[सुश्री साधना वैद जी ]
साधना जी को हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनायें
शिखा कौशिक 





                         



रविवार, 21 अगस्त 2011

पहेली संख्या -४० का सही परिणाम :कोई विजेता नहीं

प्रिय चिट्ठाकारों,
     पहेली संख्या-४० का हमें कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ .सही उत्तर है-
१-जगदीश श्रीवास्तव.
   ये   नवगीत  अर्द्धशती   से  लिया गया है.
              आप सभी को जन्माष्टमी पर्व की बहुत बहुत शुभकामनायें 

शनिवार, 20 अगस्त 2011

पहेली संख्या-४०

प्रिय चिट्ठाकारों ,
          आज समय नवचेतना का है.देश में चारों ओर भ्रष्टाचार के विरूद्ध लोगों में नवचेतना का उदय हो रहा है.ऐसे में आज की पहेली इस परिस्थिति से कैसे पृथक  रह सकती है?
    नवगीत में राष्ट्र का एक मूर्त स्वरुप सामने आता है .नवगीत के कवियों ने प्रकृति शोषण के विरुद्ध जितना ओर जैसा रचनात्मक क्रोध व्यक्त किया है वह अन्यत्र दुर्लभ है .जंगलों का विनाश ,पहाड़ों को नंगा करना ओर नदियों को बांधकर उसको बहुआयामी प्रयोजनशीलता से काटकर मात्र ऊर्जा का स्रोत बना देना न तो युक्ति संगत है और न विकास का सच्चा पक्षधर -सोम ठाकुर ,अनूप अशेष  आदि के गीत इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं .राष्ट्र के विकास में बाधक तत्वों के प्रति नवगीत में गहरी चिंता व्यक्त की गयी है -
''ठंडा खून गरम है ,नारे बेच रहे ईमान.
लिए कटोरा घूम रहा है सारा हिंदुस्तान.
सिर्फ आंकड़े अख़बारों में छपे तबाही के .
सत्य यहाँ पीछे चलता है सदा  गवाही के.''
अब प्रश्न-
ये पंक्तियाँ किसके नवगीत से ली गयी हैं-
१- जगदीश श्रीवास्तव
२-डॉ.सत्येन्द्र शर्मा
३-रमेश चन्द्र शुक्ल
४- उमाकांत मालवीय
     कोई विकल्प नहीं-शर्ते वही:
शालिनी कौशिक

बुधवार, 17 अगस्त 2011

पहेली संख्या-३९ का सही परिणाम और विजेता ''सत्यम शिवम्''

प्रिय चिट्ठाकारों,
          पहेली संख्या-३९ का सही परिणाम है-
   ''अमृता प्रीतम जी''
और पहेली   का सही उत्तर देकर विजेता बने हैं -
ER .सत्यम शिवम् जी
सत्यम जी आपको हिंदी साहित्य पहेली  परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनायें

साथ ही हम बहुत बहुत आभारी हैं डॉ.अशोक कुमार  शुक्ल  जी के जिन्होंने हिंदी साहित्य पहेली परिवार में सम्मिलित हो और इसे एक नवीन  स्वरुप प्रदान कर हमें कृतार्थ किया.

                     

रविवार, 7 अगस्त 2011

पहेली संख्या -38 का परिणाम और विजेता .


प्रिय चिट्ठाकारों,
        पहेली संख्या-३८ का सही उत्तर है -
''मूर्ख को उपदेश  देना व्यर्थ है.''

           और सही उत्तर भेजकर इस बार भी विजेता बने हैं और सबसे ख़ुशी की बात ये है कि ये लगातार तीसरी बार विजेता बन क्रिकेट की भाषा में ''हैटट्रिक'' लगा रहे हैं.
डॉ.अशोक कुमार शुक्ल जी 
डॉ.साहब आपको  विजेता बनने व् मित्रता  दिवस की बहुत बहुत शुभकामनायें.

                   

शनिवार, 6 अगस्त 2011

पहेली संख्या -३८

प्रिय चिट्ठाकारों,
           आज का प्रश्न है-[आज की पहेली कुछ अलग] इस  कहावत के सही अर्थ  क्या हैं-
''ऊसर बरसे त्रण नहीं जामें ''-     [गूगल   बाबा   त्रण का सही अनुवाद    नहीं कर  पाए    इसीलिए   ऐसे    ही   दे   रहे   हैं यहाँ  त्रण का अर्थ घास है.]अब   आप   इस   पहेली का सही अर्थ बताएं   .विकल्प निम्नलिखित हैं-
1-ऊसर भूमि में घास नहीं उगती.
२-ऊसर भूमि में सुधार  संभव है .
३-मूर्ख को उपदेश देना व्यर्थ है.
४-उपदेश देने से मूर्ख भी विद्वान   बन जाता है.
               शर्ते वही :

रविवार, 31 जुलाई 2011

पहेली संख्या -३७ का परिणाम और विजेता

प्रिय  चिट्ठाकारों  ,
             इस बार की पहेली का सही उत्तर है-
         डॉ.राही मासूम रजा
  और सही उत्तर सर्वप्रथम भेजकर विजेता बनें हैं-

                         डॉ.अशोक कुमार शुक्ल जी  
डॉ.अशोक जी आपको हिंदी साहित्य पहेली परिवार की ओर से बहुत बहुत शुभकामनायें 
      

शनिवार, 30 जुलाई 2011

पहेली संख्या-३७

प्रिय चिट्ठाकारों,
             आज का प्रश्न है-
     ''दिल एक सादा कागज़''किस सामाजिक उपन्यासकार का सशक्त उपन्यास है?
    शर्ते वही:

रविवार, 24 जुलाई 2011

पहेली संख्या ३६ का परिणाम और विजेता

प्रिय चिट्ठाकारों,
          इस बार कोई विकल्प नहीं दिया गया था कुछ नया किया था तो उत्तर देने वाले भी नए हैं -पहले सही उत्तर-
    निर्मल वर्मा
और दो उत्तर हमें प्राप्त हुए और दोनों ही सही.
सही उत्तर देकर इस बार के विजेता हैं-
                  ''बंटी द मास्टर स्ट्रोक जी ''
और उपविजेता हैं -

''                  ''श्री अशोक कुमार शुक्ल जी''
आप दोनों को हिंदी साहित्य पहेली परिवार की ओर से बहुत बहुत शुभकामनायें

शनिवार, 23 जुलाई 2011

पहेली संख्या-३६

प्रिय चिट्ठाकारों,
             आज का प्रश्न है-
  ''रात का रिपोर्टर''किस प्रसिद्ध उपन्यासकार का उपन्यास है?
                          इस बार कोई विकल्प नहीं.
शर्ते वही:

रविवार, 17 जुलाई 2011

पहेली संख्या-35 का परिणाम और विजेता


प्रिय चिट्ठाकारों,
      इस बार  की पहेली का सही उत्तर है-
''चाचा वृन्दावन दास  ''
    और  पहेली का सर्वप्रथम सही उत्तर भेजकर विजेता बने हैं 
                  डॉ.दर्शन लाल बवेजा जी


और उपविजेता के पद पर विराजमान हुए हैं -
              श्री सत्यम शिवम्  जी 

आप दोनों को हिंदी साहित्य पहेली परिवार की ओर से बहुत बहुत शुभकामनायें 

शनिवार, 16 जुलाई 2011

पहेली संख्या-३५

प्रिय चिट्ठाकारों,
     इस बार का प्रश्न है-
''लाड  सागर'' किस कृष्ण भक्त कवि की रचना है-
१-सूरदास
२-स्वामी हरिदास 
३-चाचा वृन्दावनदास 
४-मीराबाई 
             शर्ते वही :

गुरुवार, 14 जुलाई 2011

त्रुटि के लिए क्षमा-पहेली संख्या ३४ के विजेता सत्यम शिवम् जी

प्रिय चिट्ठाकारों,
      हमारे पास उपलब्ध उत्तर के परिणाम स्वरुप हमसे यह त्रुटि हो गयी वो तो सत्यम जी ने हमें सही कार्य करने के लिए जागरूक किया और हम तब जाकर पहेली संख्या -३४ का सही उत्तर आप सभी के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं .यदि आगे से भी हमसे कोई ऐसी त्रुटि होती है तो हमारी आप सभी से यह प्रार्थना है कि हमें सही कार्य करने के लिए प्रेरित करें
पहेली संख्या ३४ के सही उत्तर के लिए सुभद्रा जी की कविता ही यहाँ प्रस्तुत है और यही साक्षी है सत्यम जी के उत्तर के सही होने की-कविता यह है जिससे वे पंक्तियाँ उद्धृत  की गयी हैं -- 



[geeta kavita .com se sabhar ]

और इस बार के विजेता हैं -
श्री सत्यम शिवम् जी 

और उपविजेता हैं-
डॉ.दर्शन लाल बवेजा जी.

आप दोनों को हिंदी साहित्य पहेली परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनायें.



बुधवार, 13 जुलाई 2011

पहेली संख्या-३४ का परिणाम और विजेता कोई नहीं




प्रिय चिट्ठाकारों,
        इस बार की पहेली का सही उत्तर है-
          -- ''सुमित्रा नंदन पन्त''
बहुत दिनों तक प्रतीक्षा के पश्चात् भी हमें इस बार पहेली का कोई सही उत्तर प्राप्त नहीं हुआ.आपके सहयोग के बिना हमारे प्रयास को कोई सफल बना भी नहीं सकता आशा है कि आप हमें अपना इस क्षेत्र में पूर्ण सहयोग आगे से अवश्य देंगे.