बुधवार, 12 सितंबर 2012

हिन्दी साहित्य पहेली 98 हल करने हेतु एक और संकेत

प्रिय पाठकगण तथा चिट्ठाकारों,


इस बार की हिन्दी साहित्य पहेली 98 का पहला संकेत जारी हुये भी 24 घंटे होने को आये है परन्तु अब तक किसी प्रतिभागी का सही उत्तर नहीं प्राप्त हो सका है ।


इसलिये आपको एक और संकेत देते हुये अवगत कराना है कि
इस संस्था की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य हिन्दी भाषा और साहित्य के विकास से संबंधित कार्यक्रमों को कार्यरूप में लाना था। इसके अन्तर्गत जहाँ दिल्ली के प्राचीन तथा वर्तमान उत्कृष्ट साहित्य का संकलन, परिरक्षण तथा उसके सृजन के लिए प्रोत्साहन का कार्य सम्मिलित है। वहीं राजभाषा के रूप में हिन्दी के नये स्वरूप से संबंधित शोध कार्य भी उसमें सम्मिलित हैं, जिससे कि दिल्ली के साहित्यकारों को उत्कृष्ट साहित्य के सृजन के लिए प्रोत्साहन मिले, पुराना और दुर्लभ साहित्य सुरक्षित किया जा सके और नये साहित्यकारों के लिए योजनाओं और दिशाओं की खोज की जा सके। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संवर्द्धन, प्रचार-प्रसार और विकास के उद्देश्य से 1981 में तत्कालीन दिल्ली प्रशासन ने 'स्वायत्तशासी संस्था' के रूप में इस संस्था की स्थापना की। इस संस्था की स्थापना दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग के निर्देशन में हुई। मुख्यमंत्री, दिल्ली दो वर्ष की अवधि के लिए इस संस्था की संचालन-समिति गठित करती हैं। इस संस्था की संचालन-समिति के सदस्यों के रूप में 25 जाने-माने साहित्यकार, लेखक, विशेषज्ञ, पत्रकार आदि नामांकित किए जाते हैं। यह समिति सभी योजनाओं, प्रस्तावों और बजट का अनुमोदन करती है। इसके अतिरिक्त इस संस्था में समय-समय पर विभिन्न कार्यों के निष्पादन और निर्णय के लिए अलग-अलग समितियां बनायी जाती हैं जो यह सुनिश्चित करती हैं कि योजनाओं के अंतर्गत लाभ उठाने वालों के चयन में निष्पक्षता रहे।


इस संस्था के द्वारा अपनी स्थापना के पांच वर्ष बाद पहला सर्वोच्च सम्मान शलाका सम्मान दिया था । अब आपको इस संस्था का नाम और 1986-87 में इससे सर्वोच्च सम्मान प्राप्त साहित्यकार को पहचानना है।

अब प्रयास करिये सही उत्तर ढूंढने का और शीध्र प्रषित करिये तकि आपसे पहले उत्तर भेजकर कोई और इस पहेली का विजेता न बनने पाये।


हार्दिक शुभकामनाओं सहित।


4 टिप्‍पणियां:

  1. इस संस्था का नाम है स्वायत्तशासी संस्था, जिसे हिन्दी अदाकामी भी कहते हैं. १९८६-८७ में शलाका सम्मान डॉ. राम विलास शर्मा जी को मिला था

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  2. कदाचित् ये श्री राम विलास शर्मा हैं !

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आप सभी प्रतिभागियों की टिप्पणियां पहेली का परिणाम घोषित होने पर एक साथ प्रदर्शित की जायेगीं